1- समाज के स्वास्थ्य, आर्थिक एवं शैक्षिक विकास हेतु तथा समाज की बुराई का निदान हेतु संस्थाओं की स्थापना एवं संचालन हेतु कार्य करना एवं समाज के बीच सामंजस्य, सौहार्द, प्रेम बनाए रखने का प्रयास करने व सहयोग करना।
2- निर्बल एवं असहाय के उत्थान में सहयोग करने के लिए प्रोत्साहन कार्यक्रम बनाना तथा संचालित करना, गरीब मेधावी बच्चों के लिए निशुल्क शिक्षक कक्षाओं व प्रशिक्षण कक्षाओं का कुशल संचालन करना।
3- अकाल, भूखा, बाढ़ तथा सांप्रदायिक एवं अन्य प्राकृतिक आपदाओं से ग्रस्त क्षेत्रों में सहायता कार्य करना तथा लोगों से सहायता हेतु दान, अनुदान प्राप्त करना एवं आवश्यकता पड़ने पर खर्च करना व उनको सहारा देना।
4- शिक्षा एवं जीवनोपयोगी ज्ञान का प्रचार–प्रसार करना तथा आम जनता में चेतना जागृत कर उन्हें शिक्षित रोजगारोन्मुख प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बनाना तथा कौशल विकास कार्यक्रमों का संचालन करना, स्वरोजगार प्रदान करना एवं उनको विकास हेतु रोजगार युक्त बनाना।
5- आमजन को परिश्रम करके धन अर्जन के लिए प्रोत्साहित करना तथा युवाओं व शिक्षित बेरोजगारों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए विभिन्न योजनाओं का संचालन करना।
6- समाज के लोगों के लिए उनके उत्थान से संबंधित समस्त कार्य को राष्ट्रीय विकास कार्यक्रमों को गतिशील करने एवं जागरूकता पैदा करना तथा सरकारी अनुभागों द्वारा चलाई जा रही योजनाओं को सही लाभार्थियों तक पहुंचाने के लिए सेतु का कार्य करना।
7- नवयुवक एवं नवयुवतियों व छात्र–छात्राओं को रचनात्मक दिशा देने के लिए तथा उनके सर्वांगीण विकास के लिए, तरह–तरह की प्रशिक्षण की व्यवस्था करना एवं संचालन करना।
8- संगठन के माध्यम से पिछड़े क्षेत्रों में महिला कल्याण केंद्र, वाचनालय एवं अन्य कल्याण के माध्यम केंद्र की स्थापना करना तथा वृद्ध आश्रम, डे केयर सेंटर, मनोरंजन केंद्र, अनाथ आश्रमों की स्थापना व संचालन करना व खाने–पीने की व्यवस्था करना।
9- सदस्यों के स्वस्थ प्रतिस्पर्धा विकसित करने एवं राष्ट्रीय चरित्र निर्माण हेतु समय–समय पर खेलकूद तथा सांस्कृतिक, शैक्षणिक, सामाजिक एवं आध्यात्मिक विषयों पर गोष्ठी का आयोजन करना व दिशा धन स्तर पर भ्रमण करना।
10- सदस्यों में सहकारिता एवं सहभागिता की भावना को विकसित करना तथा एकीकृत ग्राम तकनीकी विकास, ग्राम पेयजल आपूर्ति, ग्राम स्वच्छता विकास कार्यक्रम तथा शौचालय निर्माण करना तथा जन सामान्य को जागरूक करना व देश–विदेश में प्रचार–प्रसार व धर्म का कार्य करना।
11- समाज की बुराइयां खत्म करने हेतु, नशा मुक्ति का अभियान चलाना एवं केन्द्रों का निर्माण करना।
12- युवकों के कल्याण हेतु यथासंभव प्रयास करना एवं उनके लिए विविध कार्यक्रमों का संचालन करना तथा हर स्तर के छात्रों एवं छात्राओं के अध्ययन एवं आवास की समस्या के निवारण हेतु छात्रावासों का निर्माण करना तथा उच्च स्तरीय शिक्षा प्रदान करना।
13- भारतीय नागरिकों के कल्याण हेतु ऐसे सभी कार्य करना जो संगठन मंडल संकल्पित करें जैसे नशा मुक्ति कार्यक्रम, परिवार नियोजन एवं एड्स रोग की रोकथाम, विकलांगता दूर करना, निवारण कार्यक्रम, महिला उत्थान के कार्यक्रम, बाल विवाह, दहेज प्रथा, कुपोषण, महिला उत्पीड़न आदि से जागरूकता पैदा करना व छू–छूत को दूर करना।
14- पर्यावरण सुरक्षा से संबंधित हर संभव प्रयास करना, प्रदूषण नियंत्रण हेतु विभिन्न प्रकार के कार्यक्रमों की व्यवस्था एवं पशु–पक्षियों एवं अन्य जानवरों के ऊपर हो रहे अत्याचारों को रोकने हेतु प्रयास करना। जल संरक्षण, वन संरक्षण, भूमि संरक्षण, वृक्षारोपण आदि कार्यक्रमों का संचालन करना व वातावरण को स्वच्छ रखना।
15- स्वास्थ्य पीड़ित व्यक्तियों को चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराना तथा समाज को इनके प्रति जागृत करना।
16- समाज के उद्देश्यों का अन्य संस्थाओं से सहयोग एवं संपर्क स्थापित करने तथा राज्य सरकार एवं केंद्र सरकार के समस्त मंत्रालयों से अनुदान प्राप्त कर जनहित लाभ में पहुंचाना तथा कार्यक्रमों का संचालन करना।
17- संगठन के उद्देश्यों की पूर्ति हेतु तथा इसके लिए धन की व्यवस्था हेतु सदस्यता शुल्क रखना।
18- संगठन के अधीन स्थापित संस्थाओं व समितियों की सदस्यता के लिए विभिन्न प्रावधानों को लिखित रूप से तैयार करना तथा इसके लिए धन की व्यवस्था करना, सदस्यता शुल्क, दान, चंदा इत्यादि निर्धारित करना तथा उनकी प्रबंध इकाइयां गठित करना।
19- संगठन के अधीन संस्थाओं व समितियों के सुचारू रूप से संचालन के लिए समिति पंजीयन अधिनियम के अनुसार उनकी अलग नियमावली एवं उपनियमों का गठन करना।
20- संगठन के अधीन चलने वाली सभी संस्थाओं को संचालित करने एवं उनकी व्यवस्था के लिए लाभार्थियों से शुल्क प्राप्त करना।
21- संगठन के अधीन स्थापित संस्थाओं व समितियों की अनियमितता की स्थिति उत्पन्न होने तथा किन्हीं आकस्मिक परिस्थितियों में उसके संरक्षण की बावत गठित समिति को भंग कर उसकी संपूर्ण व्यवस्था संगठन में निहित करना।
22- संगठन के नियम को भंग करने पर तथा किसी भी तरह से गलत पाए जाने पर किसी भी अधिकारी के अधिकार को भंग करने का अधिकार सिर्फ आदर्श धर्म समाज ट्रस्ट को है।
23- संगठन के उद्देश्यों की पूर्ति के लिए संगठन मंडल द्वारा संकलित समस्त कार्यों को करना।
24- संगठन द्वारा अति पिछड़े क्षेत्रों में सेमिनार का आयोजन करके लोगों को मौलिक अधिकार, मौलिक कर्तव्य तथा कन्या भ्रूण हत्या, महिला संरक्षण, बेटी बचाओ–बेटी पढ़ाओ आदि कार्यक्रमों का संचालन करना।
25- यह एक धर्मनिरपेक्ष, जाति निरपेक्ष तथा समुदाय निरपेक्ष संगठन है।
26- गरीब लड़कियों का समूह द्वारा निःशुल्क शादी–विवाह के समारोह का आयोजन किया जाएगा।
27- सामाजिक बुराइयां, समाज हित के लिए तथा अन्य समस्याओं के निवारण हेतु संगठन अहिंसक रूप से, शांति एवं शिष्टाचार पूर्वक समाज की शिकायतों की सूचना सरकार तक पहुंचाने का कार्य करेगी।
28- यह संगठन भारतीय पर्व एवं त्योहार को मनाने में समाज की मदद करेगी एवं आगे बढ़कर हिस्सा लेगी तथा ऐसे एक टीम का गठन करेगी जो इस कार्य को करने में सक्षम रहेगी।
29- यह संगठन एक राजनीतिक दल के भांति अपना संगठन बनाएगी, गैर सरकारी कार्यों को करने का प्रयास करेगी, सरकार के किसी भी कार्य तथा प्रशासन के किसी भी कार्य में अवरोध उत्पन्न नहीं करेगी, बल्कि सरकार एवं प्रशासन के कार्यों में प्रशासन तथा सरकार की मदद करने का यथासंभव प्रयास करेगी।
30- संगठन का कोई भी सदस्य किसी भी राजनीतिक दल को सपोर्ट करने के लिए स्वतंत्र है, संगठन कभी किसी भी राजनीतिक दल को सपोर्ट नहीं करेगी।